What is HTML – HTML क्या है ?
What is HTML
यह एक Markup Language है,
जिसे Web Document बनाने के लिए विकसित किया गया हैं Web Document यानि Web
Page जो की एक Website का आधार होती हैं और html एक Web Page का आधार होती हैंl Html Web Document बनाने के लिए Tags
का Use किया जाता हैंl
html का Use Web Design करने के लिए किया जाता हैंl Html को 1990 में Develop Tim Burners-Lee ने किया था वो ही जिन्होंने 1989 WWW यानि World
Wide Web को Develop किया था। जैसे कई Tags से मिलकर एक Web Page बनता हैं और कई Web Page मिलकर एक Website को Develop करने मे सहायक होते हैं।
HTML Full Form
Full Form मतलब पूर्ण रूप Hypertext Markup Language हैं। इसमें तीन Word है जिसका अर्थ हम नीचे समझते है –
Hypertext –
यह एक प्रकार का Normal Text ही होता है लेकिन इसकी विशेषता यह होती है की यह अपने
साथ दुसरे Text को Link ( जोड़े ) रखता है जो किसी Event यानि Mouse click, Key pressके द्वारा Active होता हैंl Hypertext को ही Hyperlink कहते हैं और इसे इसी नाम से ज्यादा जाना जाता हैं। इसके द्वारा
सिर्फ टेक्स्ट ही नहीं image,video etc. को भी हाइपरलिंक बनाया जा सकता
हैं और यह हाइपरमीडिया कहलाता है html में किसी भी Text को हाइपरलिंक बनाने के लिए Anchor Tag (<a> ) का use किया जाता हैl Hypertext linear ( क्रमबद्ध ) नहीं होता है इसे किसी भी क्रम में Active किया जा सकता हैं l
Hypertext word Ted Nelson द्वारा 1965 में दिया गया और जाहिर है की इस Term का Use करने वाले वो पहले व्यक्ति हैं l
Markup –
Html Page बनाने में Html Tags का Use
किया जाता हैl Web Page पर Text
Content किस तरह Display होगा ये Html Code के साथ ही Define कर दिया जाता हैं,
और इसे ही Markup कहा जाता हैं।
जैसे – Web Page पर एक Text Aj Creation Markup करके Display करवाना है तो Html Code कुछ इस प्रकार लिखा जायेगा –
<i> Aj Creation</i> यहाँ i Italic को Represent करता हैl
Aj Creation Word Web Page पर Italic
Display होगा इसे ही Markup कहते हैं l
Language –
Html एक Language है क्योंकि हर Language का Syntax होता है और इसमें Use होने वाले Html Code को Tag कहते है जिन्हें एक Syntax मे Code किया जाता हैं –
<b> Aj Creation </b> b एक html tag है जिसका Use Text को Bold
करने के लिए किया जाता है, इसमें एक Opening और एक Closing tag हैl
इन्ही Tag के बीच में Text
को लिखा जाता हैं यहाँ Aniqa Classes एक टेक्स्ट हैं। Opening Tag से Closing Tag तक Element कहलाता हैंl
Structure of
Html
<html>
<head>
<title> यहाँ पर पेज का title दिया जाता है जो web
ब्राउज़र के टैब मे show होता हैं l </title>
</head>
<body>
यहाँ पर लिखे गये source
code run Time पर web ब्राउज़र पर display
होते हैl
</body>
<html>
<html>
Tag –
यह Tag Web ब्राउज़र को बताता है की यह एक Html File हैं। यह Tag दुसरे सभी Tags के लिए एक Container tag की तरह काम करता हैं मतलब दुसरे सभी Tags इस Tag के बीच में लिखे जाते हैंl
<head>
Tag –
इस Tag में Title, Script, Meta
tag, Style etc. head element को add करने के लिए किया जाता हैंl जैसे इसे section में CSS File व java
script File को link करवाया जाता हैं या Web पेज को Title दिया जाता हैं।
<head>
<title>First
page </title >
<head>
<title>
Tag –
Tag में Web Page का title
दिया जाता है जो web ब्राउज़र के tab
में show होता हैं।
<title>First
page </title>
<body> Tag
–
Tag के बीच में जो भी Source Code लिखे जाते हैं वो सभी Web Browser पर Show होते हैं।
Comment Tag in
HTML –
इसे Html में <!–
Statement –> की तरह Define किया जाता हैंl इसका Use Html Code ( Source
Code ) के बारे मे अतिरिक्त जानकारी
देने के लिए किया जाता हैं जो Run
Time Web Page पर Display नहीं होता हैं लेकिन Text Editor में Show होता हैंl जिससे आगे Future में कभी भी Source Code में Changes किया जा सकेl
इसका Use सामान्यत बहुत अधिक Source Code होने पर किया जाता हैं जिससे Code को समझना आसान
हो जाता हैंl
जैसे –
<!–This is a
comment which is written to add an image from the img tag. is not
displayed in run time but displayed in the text editor. –>
<img src =
“abc.jpg” height =”250″ width =”250″>
HTML का इतिहास – HTML History in Hindi
आइए अब हम HTML की दुनिया में थोड़ा पीछे चलते है और इसके
इतिहास को जानने कि एक कोशिश करते है.
HTML का विकास 90 के दशक में हुआ था और अभी भी जारी है. क्योंकि
HTML एक लगातार विकास करने वाली भाषा है. इसके अब तक कई संस्करण आ चुके
है.
यह भाषा माननीय Sir Tim Berners Lee के दिमाग की उपज
है. सबसे पहले इन्होने ही HTML का उपयोग किया था.
वर्तमान समय में HTML के विकास का जिम्मा एक संस्था “World
Wide Web Consortium (W3C)” के पास है. यह संस्था ही अब HTML का ख्याल रखती
है. आइए जानते है अब तक आए HTML के संस्करणों के बारे में.
HTML
यह संस्करण SGML –Standard Generalized Markup Language का
रूप था. HTML प्राथमिक संस्करण है.
इसके द्वारा टेक्स्ट को Structure किया जा सकता
था. इसके लिए कुछ Tags का निर्माण किया गया था और इस संस्करण का कोई नाम नही था इसे सिर्फ HTML
कहा
गया. लेकिन HTML के अगले संस्करणो के नाम थे. इसलिए सुविधा के लिए इस संस्करण को HTML
1.0 भी
कहा जाता है.
जो HTML Tags इस समय उपयोग में लिये जाते थे, कुछ
Tags आज भी मौजूद है. जो हम HTML पर कार्य करते समय काम में लेते है.
HTML 2.0
HTML के प्राथमिक संस्करण के बाद एक समूह IETF – Internet
Engineering Task Force द्वारा HTML के अगले संस्करण का नामकरण किया गया. यह HTML
2.0
संस्करण कहलाया जिसे 1995 में प्रकाशित किया गया था.
इस संस्करण में कुछ नयी विशेषताएँ जोड़ी गई जिसमें ‘Image Tag‘
सबसे
महत्वपूर्ण था. लेकिन अभी Internet ज्यादा लोकप्रिय नही हुआ था.
HTML 3.0
इस समय तक HTML और इंटरनेट अपनी छाप छोड चुके थे और दोनो
लोकप्रिय होने लगे थे. अब पहल से ज्यादा लोग इससे जुड चुके थे. अधिक से अधिक लोग HTML
सीखना
चाहते थे और Internet से जुडना भी चाहते थे.
इसलिए HTML के अधिक उपयोग के कारण इसमे कुछ उलझने पैदा हो
गई थी. जो Standard इसमें तय किया था लोग उसमें परिवर्तन करने लगे थे. जिससे इसकी
एकरूपता समाप्त होने लगी थी. इसलिए HTML का अगला संस्करण तैयार किया गया जो HTML
3.0
था. लेकिन इसे कभी भी प्रकाशित नही किया गया.
HTML 3.2
HTML 1.0 के प्रकाशन और HTML 3.0 की सिफारिश तक एक संगठन का उद्भव हो चुका था,
जो HTML
भाषा
के लिए कार्य करने के लिए बना है. इसे W3C – World Wide Web Consortium के
नाम से जाना जाता है.
W3C के द्वारा 1997 में HTML 3.0 की सिफारिशों
के साथ HTML का अगला संस्करण HTML 3.2 का प्रकाशन किया गया. इसमें HTML के
दोनों संस्करणों से ज्यादा विशेषता थी.
HTML 3.2 के द्वारा अब HTML Document को और अधिक तरीके से बनाया जा सकता था. इस
संस्करण में कई नये ‘Attribute’ को जोडा गया जो डॉक्युमेंट के structure
से
ज्यादा उसकि ‘style’ के लिए थे. लेकिन, इस समय तक HTML को पढ़ने वाले
यानि ‘ Browsers ‘ बहुत धीमें थे. ये अभी भी HTML 3.2 के सभी
विशेषताओं को सपोर्ट नही करते थे.
HTML 4.0
अब Internet काफि लोकप्रिय हो चुका था. अधिक से अधिक लोग HTML
सीखना
चाहते थे. और जो पहले से ही इससे जुड़े थे. वे HTML से ज्यादा चाहने
लगे. इसलिए इस रिक्त स्थान को भरने करने के लिए HTML का अगला संस्करण
HTML 4.0 का प्रकाशन किया गया.
और अब तक ‘Style Sheet’ भी अपना स्थान बनाने लगी थी. इसलिए इस संस्करण
में कुछ और विशेषताएं जैसे; frame, script, stylesheet आदि को जोडा
गया. और इसे पढने वाले ब्राउजर भी अब कुछ एडवांस हो चुके थे. तथा HTML के अधिकतर
विशेषताओं को पढ सकते थे. यह HTML के इतिहास में एक बड़ा बदलाव था.
HTML 4.01
HTML का अगला संस्करण HTML 4.01 था जो HTML 4.0 का संशोधित
संस्करण है. इसे W3C द्वारा 1999 में प्रकाशित किया गया था. आज लगभग वेबसाइट
इसी संस्करण में बनी हुई है.
HTML 5
HTML का सबसे नवीनतम संस्करण HTML 5 है. इसमे HTML
4.01 कि
विशेषताओं के अलावा XML कि विशेषताओं को भी जोडा गया है. यह संस्करण धीरे-धीरे अपनी पहचान
बना रहा है. और काफि लोकप्रिय हो चुका है.
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